skip to main
|
skip to sidebar
My Scripts & त्रिवेणी.......
Sunday, September 12, 2010
बहुत धीरे - धीरे हौले - हौले सहमें - सहमें
गुलाबी पंखुड़ियों पे किसी शबनम से
उसके लबों पे लफ्ज़ उतरतें हैं.....
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
Followers
Blog Archive
►
2013
(1)
►
July
(1)
►
2011
(12)
►
September
(4)
►
May
(8)
▼
2010
(50)
►
December
(1)
►
November
(8)
▼
September
(6)
भुला चुका हूँ जिसे अपने मन से... मिटा चुका हूँ जि...
बहुत धीरे - धीरे हौले - हौले सहमें - सहमें गुलाबी ...
एक मुद्दत के बाद किताब खुली. एक मुद्दत के बाद वो ग...
तेरे साथ मेरा तन्हाई का रिश्ता है. जैसे बदन से पर...
आदत होती तो टूटकर वो छूट जाता.दिल के पास न रहता जो...
कहते हो कि तुम मेरी मुहब्बत नहीं होगैर की हो तुम म...
►
August
(33)
►
February
(2)
About Me
फ़क़ीर की झोली से - नज़्में
View my complete profile
No comments:
Post a Comment