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My Scripts & त्रिवेणी.......
Saturday, September 4, 2010
कहते हो कि तुम मेरी मुहब्बत नहीं हो
गैर की हो तुम मेरी चाहत नहीं हो.
फिर नज़रों का इकरार-ए- इश्क क्या है.....
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फ़क़ीर की झोली से - नज़्में
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