वाह! दोस्त, क्या लिखा है. उम्दा.शुक्रिया. जारी रहें.---कुछ ग़मों के दीये
बस बेवफाई को है ऐतबार तेरी वफ़ा का....aisi paNktiyaN aaj bhi aakarshit kartiN haiN.
इस नए सुंदर से चिट्ठे के साथ हिंदी ब्लॉग जगत में आपका स्वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!
वाह! दोस्त, क्या लिखा है. उम्दा.
ReplyDeleteशुक्रिया. जारी रहें.
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कुछ ग़मों के दीये
बस बेवफाई को है ऐतबार तेरी वफ़ा का....
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