skip to main
|
skip to sidebar
My Scripts & त्रिवेणी.......
Saturday, August 21, 2010
चार दिन का मुसाफ़िर हो गया.
राह है बस ज़िन्दगी से मौत तक.
कितना मुख़्तसर है सफ़र, ऐ इश्क तेरे बगैर.......
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
Followers
Blog Archive
►
2013
(1)
►
July
(1)
►
2011
(12)
►
September
(4)
►
May
(8)
▼
2010
(50)
►
December
(1)
►
November
(8)
►
September
(6)
▼
August
(33)
लिखी नज्में, अशार-ओ-गजलें, रुदादात कई ... ज़िन्दगी...
सर-ए-शाम किसी का इंतज़ार करने लगा हूँ मैं, इश्क ...
तमन्ना है तेरे बदन से यूँही चिपके रहे ताउम्र..... ...
तुम जो थी रोशन रहा मेरा कमरा देरतक... सो न सकी जगत...
इतनी पाक इतनी मासूम सूरत न देखी थी. काफ़िर था, जब...
यादों से रिश्ता तोड़ नहीं सकता... त...
आ कि तेरे गुलाबी लबों का ज़हर चख लूं. डूब जाऊं मैं...
उँगलियों में उंगलियाँ उलझाती दिखी.. कभी सुलझी लटें...
आजकल ख्वाबों में आने लगी है वो .... इक नयी उम्मीद ...
टूटी उम्मीद और टपकती नज़रें..... खाली खाली घर...
तुझे अपनी ज़िन्दगी कहता था...... जीने की ...
उससे देर तलक कोई रूठे भी तो कैसे? लब पे म...
कभी मेरे दिल से अठखेली करती हैं. कभी तेरे दिल की ...
तू मुझसे सचमुच मिला था या मेरा कोई ख़्वाब था....
एक नजूमें ने कहा है वो ज़रूर आएगी.... ज़िन्दगी मे...
तुम अपनी ज़रा तलाशी लो. अपनी आँखो...
चाँद शबनम हो गया पिघलकर सूरज ...
तू मुझसे रूठ गया एक तारा ...
चार दिन का मुसाफ़िर हो गया. राह है बस ज़िन्दगी से...
फ़ासला ये दो क़दमों का तय हो न सका दो ...
देखा न जाने उसने किस ढंग से. ...
तुमने ने तो कहा था याद नहीं आओगे. राह-ए-इश्क- पर ...
मिलकर भी जो मिला नहीं दूर जाकर भी जो गया नहीं म...
इतना बहुत है ताउम्र उसके इंतज़ार के लिए. अपने इस ...
तुझसे जुड़कर मैं सिफ़र हो गया मुझसे घटकर तू सिफ़...
आज जो रौशनी हर सिम्त बेहिसाब है. चांदनी अलग है, ब...
बिखरे बिखरे से हैं, खोये खोये से हैं. उलझे उलझे ब...
ज़िद है उसकी गुज़ारिश है. इक चाँद की ख्वाहिश है. ...
इश्क़ खिलौना मांगता है. इश्क़ महंगा है, पर कब मान...
उसके घर से मेरे घर के बीच दो क़दमों की दूरी है. ले...
हम करे जो क़त्ल तो दफ़ा ३०२ (तीन सौ दो). वो करे अगर...
थोड़ा फ़ायदा है, थोड़ा रिस्क भी, अजब है हिसाब-ए-इ...
जिसे ढूंढता रहा ख्यालों में हर सुबह, और शबभर खाबो...
►
February
(2)
About Me
फ़क़ीर की झोली से - नज़्में
View my complete profile
No comments:
Post a Comment